अधिकऐसा मेरा सतगुरु साहेब, अजर अमर रे
अधिकधन धन हो स्वामी, अभय पद दीना
अधिकआगम दिशाने हेली चालणो ये, लीयो ब्रह्म विचार
अधिकबिसरणी कोनी आवे सा, सतगुरु मुरशद को