अधिकफकीरा साधो, सिर बिना करे, संग्राम
अधिकरे नर यह तन मानुष का, फिरके नहीं आयेगा
अधिकमानरे मुसाफिर प्यारे, बात हमारियां
अधिकजागरे मन, जाग प्यारे, संत खेले फाग रे