अधिकदेखिया दीदार मुरसद साहेब, सतगुरु हजूर का
अधिकमेरा मुरसद पीर खुदाई
अधिकहैरान तोबा कहत हूँ, मुरसद के कदमो गही
अधिकफकीरा साधु, लडता सन्मुख सूर