अधिकसहेल्यां सेलीवाला ये मने भाला लागे श्याम
अधिकसहेल्या सामा आवे ये, मेरा वाला सतगुरु श्याम
अधिकमहिलायत ऐसी देखी रे मैं, अजब अनूप
अधिकसैलानी ऐसी देखी रे मैं, अजब घणी
अधिकसत गुरु कोई बिसरिया सा, महाराज
अधिक सत गुरु स्वामी से लागी है परीत, और कोनी मन भावे
अधिक आज सखी में कहूँ किसको, मेरे पीव संबंधी बातडली
अधिकगुरु भक्त जगत में नर है